बिलासपुर पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने सड़क दुर्घटनाओं में हो रही मृत्यु को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश में पहले "हेलमेट बैंक" के अनूठे अभियान का आगाज़ किया।
एसपी सिंह ने "हेलमेट बैंक" उद्घाटन करते हुए एक आदर्श वाक्य दिया "अब सड़कों पर खून की एक बूंद नहीं " हेलमेट सुरक्षित यातायात की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण मानक उपकरण है इसके उपयोग से हमारी यात्रा सुरक्षित होगी l जिस प्रकार हम सुरक्षित घर से निकले थे, वैसे ही सुरक्षित घर पहुंचेंगे इसमें कोई संदेह नहीं हैं निश्चित रूप से ये प्रयास सभी के लिए अनुकरणीय होगा और सड़क दुर्घटना पर अंकुश लगाने की दिशा में कारगर साबित होगा, नागरिकों को जागरुक करते हुए स्वयं भी हेलमेट क्रय कर पहने जागरुक एवं प्रोत्साहित किया गया।
सड़कों पर सर्वाधिक चलने वाले वाहनों में दो पहिया वाहन प्रमुख रूप से हैं जो की हर स्तर के लोगों की पहुंच के अंदर है, यही कारण है कि लोग छोटी से लेकर के बड़ी से बड़ी यात्रा हेतु इसी वाहन का प्रयोग करते हैं, किंतु दुर्भाग्य भी इस बात का है कि सुरक्षा मानको के अभाव में सर्वाधिक दुर्घटना के शिकार भी दो पहिया वाहन वाले ही होते हैं, इसी दुखद पहलू को देखते हुए बिलासपुर पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने इस दिशा में एक अनूठेअभियान की शुरूवात किए है, जो "हेलमेट बैंक" के नाम से आज थाना सरकंडा में प्रारंभ किया गया।
इसके साथ ही यह "हेलमेट बैंक" थाना सकरी, थाना कोनी और थाना चकरभाँठा में भी प्रारंभ किए गए हैं,पुलिस अधीक्षक ने कहा कि- "अब कोई भी व्यक्ति अपनी यात्रा के दौरान इस बैंक से हेलमेट अपना परिचय पत्र दिखा कर के प्राप्त कर सकता है और यह हेलमेट उसे 24 घंटे के अंदर पुनः वापस करना होगा, जो पूर्णता नि:शुल्क होगा।
एसपी सिंह ने "हेलमेट बैंक" उद्घाटन करते हुए एक आदर्श वाक्य दिया "अब सड़कों पर खून की एक बूंद नहीं " हेलमेट सुरक्षित यातायात की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण मानक उपकरण है इसके उपयोग से हमारी यात्रा सुरक्षित होगी
आज के इस कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) उमेश कश्यप, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अनुज एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) नीरज चंद्राकर के साथ-साथ अन्य अधिकारी तथा सड़क सुरक्षा समिति के सदस्यों में अतीस पाल सिंह,लेफ्टिनेंट आशीष शर्मा, नम्रता शर्मा, आर्यन तिवारी, विकास वर्मा,जावेद अली के साथ-साथ बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित हुए।
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