छत्तीसगढ़ की फिल्म इंडस्ट्री में एक बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है। यहाँ की अभिनेत्रियों की फीस की मांग ने फिल्म निर्माताओं को परेशान कर दिया है। यह सवाल उठता है कि क्या यहाँ की अभिनेत्रियों की फीस की मांग उचित है या नहीं?
एक ओर जहां यहाँ की अभिनेत्रियों का कहना है कि वे अपनी मेहनत और प्रतिभा के अनुसार फीस की मांग कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर फिल्म निर्माताओं का कहना है कि यहाँ की अभिनेत्रियों की फीस की मांग बहुत अधिक है और इससे फिल्म का बजट बढ़ जाता है।
इस समस्या के कारण फिल्म निर्माता अब बाहर की अभिनेत्रियों को काम देने लगे हैं। यह सवाल उठता है कि क्या यहाँ की अभिनेत्रियों की फीस की मांग के कारण फिल्म इंडस्ट्री को नुकसान हो रहा है या नहीं?
यह भी सवाल उठता है कि क्या यहाँ की अभिनेत्रियों में सहयोग भावना खत्म हो रही है या नहीं? क्या वे सिर्फ पैसे के लिए काम कर रही हैं या फिल्म इंडस्ट्री को आगे बढ़ाने और इंडस्ट्री का नाम रोशन करने के लिए काम कर रही हैं?
यह समस्या छत्तीसगढ़ की फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा चुनौती है। यह आवश्यक है कि यहाँ की अभिनेत्रियों और फिल्म निर्माताओं के बीच एक समझौता हो जिससे फिल्म इंडस्ट्री को आगे बढ़ाने में मदद मिले।
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