"प्रणव झा का कॉन्फ़िडेंस गिरावट की ओर! लगातार फ्लॉप फिल्मों के बाद भी दर्शकों के पसंद की अनदेखी!क्या टीना टप्पर भी प्रणव झा फ्लॉप लिस्ट में होगी?"



सीजी फिल्म इंडस्ट्री में एक नई खबर ने सबको चौंका दिया है। प्रणव झा की आगामी फिल्म "टीना टप्पर" की रिलीज तारीख में बदलाव किया गया है, लेकिन क्या यह फिल्म दर्शकों को आकर्षित कर पाएगी? प्रणव झा के फिल्मों का इतिहास देखें तो कुछ खास कहानी और क्वालिटी नहीं है।

प्रणव झा को लगता है कि वह कोई भी कहानी बनाकर हीरो  का फेम भुनाते हुए दर्शकों को बेच सकते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि उनकी फिल्में दर्शकों को आकर्षित नहीं कर पा रही हैं। इसी ओवरकॉन्फ़िडेंस में उनकी कई  फिल्में ढेर हुई हैं जिनमें बीए सेकंड यर,बीए फाइनल यर,बेनाम बादशाह आदि शामिल है। वे लगातार दर्शकों की पसंद को अनदेखा कर रहे हैं।

अमलेश नागेश जैसे अभिनेताओं को भी फिल्म साइन करने से पहले  फिल्म निर्माता की हुनर को ध्यान देना चाहिए। उनकी पिछली फिल्म "डार्लिंग प्यार झुकता नहीं पार्ट 2" का ओपनिंग रिस्पांस निराशाजनक रहा है, वह  दीगर बात है काला से सफेद करने में कागज सिनेमाघर के टिकट का काम आ रहा है। और अब उन्हें प्रणव झा की फिल्म "टीना टप्पर" में देखा जाएगा।

 मिली जानकारी के अनुसार प्रणव झा की एकला चलो रणनीति  के कारण लोग अब उनकी फ़िल्म नहीं देखना चाहते है। लोगों का कहना है कि ऐसे डायरेक्टर की फिल्म को लेकर नम्बर पर बात तो हो सकती है लेकिन हिट फिल्मों की फेहरिस्त में नाम पीछे है। 
जनता के मन में फिल्मों की समझ विकसित हो चुकी है।   एंटरटेनमेंट के नाम पर हो रहे व्यापार को जनता समझ रही है । अगर फ़िल्म मेकर आम जनता की नब्ज़ तक नहीं पहुंच पाते तो, अब आम जनता भी फ़िल्म तक नहीं पहुंचेगी तो क्या प्रणव झा की फ़िल्म टीना टप्पर को लोगो का प्यार मिल पायेगा।  क्या लोग महीने भर के भीतर अमलेश को देखने दोबारा सिनेमाघरों तक पहुँचेंगे ये तो वक्त बताएगा?

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