छत्तीसगढ़ फिल्म इंडस्ट्री में एक और फ्लॉप हीरो की वापसी हो रही है! आनंद मानिकपुरी, जो पहले एक यूट्यूबर थे, फिर फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा था, लेकिन उनकी पहली दो फिल्में "ए ददा रे" और "सरई" कब आया कब गया पता नहीं चला और बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुईं।
अब, आनंद मानिकपुरी की एक और फिल्म "राधे मोहन" आने वाली है, जिसमें वे न केवल हीरो की भूमिका में हैं, बल्कि निर्माता, निर्देशक और लेखक भी हैं। यह एक अनोखा प्रयोग है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह फिल्म दर्शकों को आकर्षित कर पाएगी?
आनंद मानिकपुरी की पहली दो फिल्मों को दर्शकों ने पसंद नहीं किया था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और एक और फिल्म बनाई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या "राधे मोहन" आनंद मानिकपुरी के लिए एक नई शुरुआत करेगी या नहीं।
एक व्यक्ति को एक ही फील्ड में महारत हासिल करने में वर्षों का समय लगता है, लेकिन जब वह एक से अधिक कामों को संभालने की कोशिश करता है, तो उसकी क्वालिटी प्रभावित हो सकती है।
एक अच्छा डायरेक्टर, अभिनेता, या लेखक होना एक विशेष कौशल है, जिसमें वर्षों का अनुभव और अभ्यास शामिल है। लेकिन जब एक व्यक्ति सभी कामों को एक साथ करने की कोशिश करता है, तो वह अपनी क्वालिटी को बनाए रखने में असमर्थ हो सकता है।
KRK की फिल्म "देशद्रोही" एक अच्छा उदाहरण है, जो दुनिया की सबसे बड़ी डिजास्टर फिल्मों में से एक मानी जाती है। इस फिल्म में KRK ने न केवल अभिनय किया, बल्कि उन्होंने इसका निर्देशन, लेखन, और निर्माण भी किया था। लेकिन इसके बावजूद, फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों द्वारा नकार दिया गया था।
इसलिए, यह कहा जा सकता है कि एक व्यक्ति को अपनी क्वालिटी बनाए रखने के लिए एक ही फील्ड में महारत हासिल करनी चाहिए, न कि कई कामों को एक साथ करने की कोशिश करनी चाहिए।
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