"मया बिना रहे नई जाये" की करारी हार: विवादों के बीच भी नहीं बचा पाये,फ़िल्म की असफलता ने खोली निर्देशक की पोल”


फ़िल्म "मया बिना रहे नई जाये" का ओपनिंग बहुत निराशाजनक रहा है। विवादों के बीच कल रिलीज़ हुई इस फ़िल्म के लिए दर्शकों की कमी साफ़ दिखाई दी। सिनेमाघरों के आसपास भी लोग नहीं दिखाई दिए, जो फ़िल्म की असफलता को दर्शाता है।

फ़िल्म में सामाजिक मूल्यों का उलंघन कर सगे भाई-बहन को प्रेमी-प्रेमिका के रूप में दिखाया गया है, जो निर्देशक की निम्न मानसिकता को दर्शाता है। जनता अब इन व्यवसायिक फ़िल्म निर्माताओं की मानसिकता को समझ चुकी है, जो चंद पैसे के लिए रिश्ते और नाते को भूल जाते हैं।

फ़िल्म की असफलता के पीछे का एक बड़ा कारण इसकी विवादित कहानी है, जिसने दर्शकों को आकर्षित करने में असफल रही। अब आगे देखना होगा कि फ़िल्म आगे क्या कमाल करती है या ऐसे ही दम तोड़ देगी।

फ़िल्म की असफलता से यह साफ़ हो गया है कि दर्शक अब ऐसी फ़िल्मों को पसंद नहीं करते हैं जो सामाजिक मूल्यों का उलंघन करती हैं। अब देखना होगा कि फ़िल्म उद्योग इस असफलता से क्या सीख लेता है और आगे क्या बदलाव लाता है।

Post a Comment

0 Comments