"रिश्वत के दलदल में फंसा सहायक उप निरीक्षक: एसीबी ने किया गिरफ्तार"


कोरबा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में, एसीबी बिलासपुर ने सहायक उप निरीक्षक मनोज मिश्रा को 10,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। यह कार्रवाई कोरबा निवासी पंचराम चौहान की शिकायत पर की गई, जिसने आरोप लगाया गया था कि मनोज मिश्रा ने उनसे 50,000 रुपये की मांग की थी।

क्या था मामला?
शिकायत के अनुसार, मनोज मिश्रा ने पंचराम चौहान पर बोलेरो वाहन से डीजल चोरी का झूठा आरोप लगाया था। इसके बाद, उन्होंने पंचराम चौहान से 50,000 रुपये की मांग की, जिसे उन्होंने रिश्वत के रूप में स्वीकार करने की कोशिश की।

 एसीबी की कार्यवाही
शिकायत की पुष्टि के बाद, एसीबी ने ट्रैप रचाया और थाना कोतवाली परिसर में मनोज मिश्रा को रिश्वत लेते ही दबोच लिया। मनोज मिश्रा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत कार्रवाई की जा रही है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई
यह कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में प्रशासन कोई समझौता नहीं करेगा। खासकर थानों में भ्रष्टाचार के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की लगातार जरूरत है, ताकि लोगों का प्रशासन पर से विश्वास न उठे। प्रदेश में पिछले सात माह में पुलिस वालों पर यह लगातार ६ वी ट्रैप की कार्यवाही है, जो भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासन की सख्ती को दर्शाती है।

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