सीजी फ़िल्म इंडस्ट्री में रतन कुमार की असफलता: क्या अब प्रोड्यूसर्स लेंगे रिस्क?


सीजी फ़िल्म इंडस्ट्री में रतन कुमार की असफलता एक बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। उनकी हालिया फ़िल्म "झन जाबे परदेश" बुरी तरह से फ्लॉप साबित हुई है, जिससे प्रोड्यूसर्स के मन में सवाल उठने लगे हैं कि क्या वे रतन कुमार के साथ रिस्क लेंगे।

## असफलता की कहानी
रतन कुमार की फ़िल्मों में अक्सर म्यूजिक और टेक्निकल प्रेजेंटेशन मेकअप स्क्रीन प्ले आदि की कमी देखी जाती है। उनकी फ़िल्में दर्शकों को आकर्षित नहीं कर पाती हैं और बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह से फ्लॉप साबित होती हैं।

## प्रोड्यूसर्स की चिंता
प्रोड्यूसर्स के लिए यह एक बड़ी चुनौती है कि वे रतन कुमार के साथ रिस्क लें या नहीं। किसी भी निर्देशक को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक मौका मिलता है, लेकिन रतन कुमार को कई मौके मिलने के बाद भी असफल होना कहीं ना कहीं जानकारी की कमी को दर्शाता है।

## सीजी फ़िल्म इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा सवाल
क्या रतन कुमार जैसे निर्देशक सिर्फ अपनी जेब भरने के लिए सीजी फ़िल्म इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं? अगर टैलेंट होता तो वे अपने इंडस्ट्री में क्यों काम नहीं करते या वहाँ काम नहीं मिल रहा है? यह सवाल सीजी फ़िल्म इंडस्ट्री के निर्माताओं को सोचने के लिए मजबूर कर रहा है कि क्यों ना अपने यहाँ के निर्देशकों के साथ काम किया जाए।

## भविष्य की संभावनाएं
अब देखना होगा कि सीजी फ़िल्म इंडस्ट्री के निर्माता रतन कुमार के साथ रिस्क लेंगे या नहीं। क्या वे अपने यहाँ के निर्देशकों को मौका देंगे या फिर बाहरी निर्देशकों के साथ काम करना पसंद करेंगे? यह एक बड़ा सवाल है जिसका जवाब भविष्य में मिलेगा।

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