बिलासपुर के बल्ले-बल्ले होटल में सम्राट सिने प्रोडक्शन के बैनर तले निर्माता संध्या तिवारी एवं ओशिन मरकाम की आगामी फिल्म का फाइनल ऑडिशन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस ऑडिशन की सबसे बड़ी खासियत रही कि इसमें बड़ी संख्या में स्थानीय कलाकारों को मौका दिया गया।
फिल्म के निर्माता संतोष सम्राट तिवारी, जो इससे पहले संघर्ष और झन जाबे परदेश जैसी फिल्मों में भी स्थानीय कलाकारों को मंच दे चुके हैं, ने इस बार भी अपनी परंपरा को कायम रखा। खास बात यह रही कि पहले भी उनके साथ काम कर चुके कई कलाकारों ने एक बार फिर उनके साथ काम करने की इच्छा जाहिर की।
फिल्म की कहानी गाँव के स्थानीय चुनावों पर आधारित है, जो समाज से गहराई से जुड़ा हुआ विषय है। इस वजह से दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर पहले से ही उत्सुकता देखने को मिल रही है।
सीजी फिल्म इंडस्ट्री में बिलासपुर से जहाँ एक ओर फिल्म निर्माण की गति धीमी पड़ी हुई है, वहीं सम्राट तिवारी ने एक साल में दो फिल्में सफलतापूर्वक रिलीज़ कर यह साबित कर दिया है कि वे इंडस्ट्री को नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं। यही वजह है कि लोग उन्हें जेठू साहू के बाद इंडस्ट्री की खाली जगह को भरने वाला चेहरा मानने लगे हैं।
इस ऑडिशन में शिवरीनारायण, मस्तूरी और रायगढ़ से बड़ी संख्या में कलाकार शामिल हुए और सभी ने सम्राट तिवारी द्वारा स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने के प्रयास की सराहना की। कलाकारों का कहना है कि उनके साथ काम करना सिर्फ करियर का मौका नहीं बल्कि एक सकारात्मक अनुभव भी है।
स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहित कर और उन्हें अवसर देकर सम्राट तिवारी ने यह साबित कर दिया है कि सच्चा निर्माता वही है जो वादा निभाता है और प्रतिभाओं को उड़ान देता है।
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