शेष यादव की रिपोर्ट-
छत्तीसगढ़ी सिनेमा के क्लासरूम से बड़ी खबर आई है — दीपक साहू MA प्रीवियस में बुरी तरह फैल हो गए हैं! अब आप सोच रहे होंगे कि शायद पढ़ाई ठीक से नहीं की होगी, लेकिन मामला कुछ और ही है।
सूत्रों के मुताबिक, इस बार परीक्षा में मन कुरैशी की जगह दीपक साहू बैठ गए थे। अब आप समझ ही सकते हैं — अगर किसी और के रोल नंबर से परीक्षा दोगे तो फैल तो होना ही है! और यही हुआ।
याद दिला दें, कुछ साल पहले “BA फर्स्ट ईयर”, “सेकंड ईयर” और “फाइनल ईयर” नाम की फिल्में आई थीं, जो यूट्यूब पर धूम मचा चुकी थीं। उन फिल्मों के हीरो थे मन कुरैशी — और दर्शकों ने उन्हें दिल से पास कर दिया था।
लेकिन जैसे ही “MA प्रीवियस” के नाम से नया पेपर आया, और दीपक साहू ने मन की जगह परीक्षा देने की कोशिश की, नतीजा साफ था — फेल, फेल और सिर्फ फेल!
BA फ्रेंचाइज़ी से दर्शकों का भावनात्मक रिश्ता बन चुका था। वो मन को देखने आते थे, मार्कशीट को नहीं। लेकिन “MA प्रीवियस” की टीम शायद यह भूल गई कि स्कूल और कॉलेज बदल सकते हो, पर स्टूडेंट नहीं!
7 तारीख को रिलीज़ हुई “MA प्रीवियस” का ओपनिंग कलेक्शन ज़ीरो रहा — और दर्शकों की प्रतिक्रिया वैसी ही जैसे रिजल्ट के दिन होती है: “फेल है भाई!”
दीपक साहू को शायद लगा होगा कि 1-2 फिल्म करके मन बन जाएंगे, लेकिन ये भूल गए कि मन कुरैशी सब्जेक्ट है, और दीपक अभी टॉपिक भी नहीं।
डायरेक्टर सतीश जैन के बिना दीपक का परफॉर्मेंस वैसा ही लग रहा है जैसे कॉपी में नाम लिखकर बिना उत्तर दिए पेपर जमा कर देना!
फिल्म का फाइनल रिजल्ट बोर्ड ने जारी कर दिया है
“MA प्रीवियस: दीपक साहू – FAIL (Absent in Emotions, Weak in Performance, Poor in Direction)”
अगले साल अगर “MA Final” देना हो, तो सलाह यही है
मन से पढ़ो, मन से करो... और मन कुरैशी की जगह मत बैठो!
1 Comments
Bhari khatra likhe ho sir 😆😆😆
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