तरबहार पुलिस और रेलवे पुलिस द्वारा मिलकर अवैध कबाड़ियों के ख़िलाफ़ कार्यवाही किया गया था जिसमे फ़िरोज़ और अब्दुल सफ़ीर के ऊपर कार्यवाही करते हुए कोर्ट से रिमांड पर जेल भेज दिया गया था।
उसके बाद फ़िरोज़ और अब्दुल सफ़ीर के द्वारा मनगढ़ंत कहानी रचते हुए तारबहार के थाना प्रभारी के ख़िलाफ़ रिश्वत माँगने का आरोप लगा दिया और मामले की शिकायत लिखित एसपी के पास किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने मामले की तुरंत जाँच का आदेश दिया। चूँकि मामला पुलिस विभाग से जुड़ा हुआ था और आरोप भी बड़ा था मामले की जाँच के बाद पता चला कि शिकायत झूठा है और प्रभारी द्वारा किसी प्रकार से पैसे का माँग नहीं किया गया था। आरोपियों ने शिकायत इसीलिए किया था ताकि वो कार्यवाही से बच सके।
बता दें इन दोनों के ख़िलाफ़ पहले भी आपराधिक मामला थाने में दर्ज है फ़िरोज़ के ख़िलाफ़ पूर्व में भी अवैध कबाड़ के कई मामले दर्ज है और अब्दुल सफ़ीर के ऊपर सिविल लाइन थाने में हत्या के प्रयास जैसे गंभीर अपराध दर्ज है। अपने आप को बचाने के लिए पुलिस के ख़िलाफ़ ही झूठा शिकायत कर दिया गया अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गये कि पुलिस के ख़िलाफ़ ही झूठा शिकायत दर्ज करवा रहे है क्या एसपी द्वारा झूटे शिकायत पर कार्यवाही करेंगे या नहीं?
0 Comments