छत्तीसगढ़ फिल्म इंडस्ट्री में बदलाव की दरकार: नये टैलेंट को मौका देने की जरूरत

छत्तीसगढ़ फिल्म इंडस्ट्री में एक बड़ा सवाल उठता है - क्या यहाँ नये टैलेंट को मौका मिलने में अभी और कितने साल लगेंगे? यहाँ के डायरेक्टर और प्रोडूसर अभी भी पुराने हीरो पर ही भरोसा कर रहे हैं, जिनकी पिछली फिल्में फ्लॉप रही हैं।

करण खान का उदाहरण लें - उनकी पिछली सारी रिलीज फिल्में फ्लॉप ही रही हैं। फिर भी मेकर उन पर रिस्क क्यों ले रहे हैं? यह सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आज के युवा पीढ़ी करण खान जैसे हीरो को देखना नहीं चाहते हैं।

यहाँ के दर्शकों की पसंद बदल गई है, लेकिन मेकर अभी भी पुराने फॉर्मूले पर ही चल रहे हैं। नये टैलेंट को मौका देने की जरूरत है, ताकि छत्तीसगढ़ फिल्म इंडस्ट्री में बदलाव आ सके।

इस विषय पर फिल्म इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि नये टैलेंट को मौका देने से सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि दर्शकों की पसंद को भी पूरा किया जा सकेगा।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि छत्तीसगढ़ फिल्म इंडस्ट्री में बदलाव कब आएगा और नये टैलेंट को कब मौका मिलेगा।

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