बिलासपुर में सड़क हादसों की बढ़ती संख्या एक गंभीर चिंता का विषय है। गत वर्ष में 1170 एक्सीडेंट हुए, जिनमें 315 लोगों ने जान गंवाई और 1342 लोग घायल हुए। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि सड़क सुरक्षा के मामले में बहुत काम करना बाकी है।
अशोक नागर चौक मेन रोड पर हाल ही में हुई एक दर्दनाक दुर्घटना में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा ओवरलोडिंग और टाइम बे टाइम पर चलने वाले ट्रक की लापरवाही के कारण हुआ, जो कि प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसने के कारण हुआ।
यह सवाल उठता है कि क्या सरकार और अधिकारी इस समस्या की गंभीरता को समझ रहे हैं? क्या वे इसे रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठा रहे हैं? स्मार्ट सिटी बिलासपुर जैसे शहर में रोड का चौड़ीकरण क्यों नहीं हो पा रहा है, जबकि हज़ारों करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं?
*सड़क हादसों के मुख्य कारण:*
- _ओवरलोडिंग_
- _टाइम पर चलने वाले ट्रक की लापरवाही_
- _प्रतिबंधित क्षेत्र में ट्रक का घुसना_
*समाधान के लिए क्या किया जा सकता है:*
- _सख्त यातायात नियमों का पालन_
- _रोड सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चलाना_
- _स्मार्ट सिटी परियोजना में रोड चौड़ीकरण को प्राथमिकता देना_
यह समय है कि सरकार और अधिकारी इस समस्या का समाधान निकालें और बिलासपुर की सड़कों को सुरक्षित बनाएं।
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