करण खान और प्र्काश अवस्थी अभिनीत फिल्म तीजा के लूगरा पार्ट २ का ओपनिंग बेहद निराशाजनक रहा है। यह सवाल उठता है कि क्या इन सुपरस्टार्स को वास्तव में सुपरस्टार कहा जा सकता है? क्या नाम के आगे सुपर स्टार लगाने से फिल्म चलने लगती है?
यह सच है कि सुपरस्टार बनने के लिए केवल नाम के आगे सुपर स्टार लगाना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए आपको लोगों के बीच में जाना पड़ता है, घुमना पड़ता है, और अपनी फिल्मों को प्रमोट करना पड़ता है। तब कहीं जाकर लोग आपको अपना प्यार देते हैं।
अब आगे देखने वाली बात है कि आखिर ये फिल्म का क्या हाल होता है? क्या लोगो का प्यार मिलेगा या ये भी फिल्म फ्लॉप और ठंडे बस्ते में जा गिरेगी? यह सवाल फिल्म मेकर्स के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि उन्हें आगे ऐसे सुपरस्टार के साथ रिस्क लेने के बारे में सोचना होगा।
क्या फिल्म मेकर्स आगे ऐसे सुपरस्टार के साथ रिस्क लेंगे और फिल्म निर्माण करेंगे? या तथाकथित सुपरस्टार के ऊपर भरोसा करेंगे? यह सवाल बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसका जवाब फिल्म इंडस्ट्री के भविष्य को आकार देगा।
यह देखना दिलचस्प होगा कि फिल्म मेकर्स आगे क्या कदम उठाते हैं और क्या वे ऐसे सुपरस्टार के साथ रिस्क लेने के लिए तैयार हैं। यह सवाल न केवल फिल्म मेकर्स के लिए, बल्कि पूरे फिल्म इंडस्ट्री के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है।
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