छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री में करण खान की फिल्मी किस्मत पर सवाल उठने लगे हैं। उनकी फिल्में 2018 से लगातार फ्लॉप हो रही हैं, जिसमें कई ऐसी फिल्में शामिल हैं जो बैनर पोस्टर तक का खर्च नहीं निकल पाई थीं। यह एक शर्मनाक स्थिति है जो करण खान की फिल्मी किस्मत को दर्शाती है।
आज रिलीज़ हुई फिल्म तीजा के लूगरा पार्ट २ का ओपनिंग भी बहुत निराशाजनक रहा है। कई सिनेमाघरों में तो लोग दिखाई ही नहीं दिये। यह एक खतरनाक संकेत है जो करण खान की फिल्मी किस्मत को दर्शाता है।
करण खान के फिल्म को दर्शक क्यों नहीं मिल रहे है? आखिर क्या कारण है? मिली जानकारी के अनुसार आज के युवा वर्ग के दर्शक अब करण खान को पैसा देके देखना ही नहीं चाहते हैं। युवाओं को सीजी फिल्म इंडस्ट्री में बदलाव चाहिए। यह एक स्पष्ट संकेत है कि करण खान की फिल्मी किस्मत अब समाप्त हो गई है।
यह सवाल उठता है कि क्या करण खान को अब अपनी फिल्मी किस्मत को बदलने के लिए कुछ नया करना होगा? क्या उन्हें अपनी फिल्मों में बदलाव लाना होगा? क्या उन्हें अपनी पर्सनालिटी में बदलाव लाना होगा? क्या उन्हें अपनी उम्र और दिखावे को लेकर बदलाव लाना होगा?
आने वाले समय में फिल्म मेकर को भी अपनी रणनीति में बदलाव लाना होगा। उन्हें नए और युवा कलाकारों को मौका देना होगा। उन्हें अपनी फिल्मों की कहानी और स्क्रिप्ट में बदलाव लाना होगा। उन्हें अपनी फिल्मों के प्रमोशन में बदलाव लाना होगा।
करण खान की पहली फिल्म ही नहीं चल रही है, तो पार्ट २ क्यों? क्या प्रोड्यूसर का पैसा ऐसे ही बर्बाद होते रहेगा? यह एक शर्मनाक स्थिति है जो करण खान की फिल्मी किस्मत को दर्शाती है।
यह देखना दिलचस्प होगा कि करण खान क्या कदम उठाते हैं और क्या उनकी फिल्मी किस्मत में बदलाव आता है। क्या फिल्म मेकर नए और युवा कलाकारों को मौका देंगे? क्या वे अपनी फिल्मों की कहानी और स्क्रिप्ट में बदलाव लाएंगे? यह देखना दिलचस्प होगा।
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