"कमर्शियल फ़िल्म का महत्व:फ़िल्म इंडस्ट्री के लिए एक आवश्यक तत्व"

हाल ही में,बॉलीवुड के एक फ़िल्म राइटर ने सीजी फ़िल्म इंडस्ट्री का मज़ाक़ बनाया, जिसमें उन्होंने कहा कि यहाँ केवल कमर्शियल फ़िल्में बनाई जा रही हैं और धीरे धीरे भोजपुरी फ़िल्में जैसे स्थिति बनाई जा रही हैं। इस टिप्पणी के जवाब में, सीजी फ़िल्म इंडस्ट्री के एक प्रसिद्ध डायरेक्टर सतीश जैन ने कहा कि अगर कमर्शियल फ़िल्में नहीं बनाई जाएंगी, तो थिएटर बंद हो जाएंगे।

इस मुद्दे पर विचार करने से पता चलता है कि कमर्शियल फ़िल्में सीजी फ़िल्म इंडस्ट्री और सभी भाषाओं के फ़िल्म इंडस्ट्री के लिए एक आवश्यक तत्व हैं। कमर्शियल फ़िल्में न केवल दर्शकों को मनोरंजन प्रदान करती हैं, बल्कि वे स्थानीय कलाकारों और तकनीशियनों को रोजगार के अवसर भी प्रदान करती हैं।

अगर कमर्शियल फ़िल्में नहीं बनाई जाएंगी, तो इसके कई नुकसान होंगे:

1. रोजगार की कमी: कमर्शियल फ़िल्में स्थानीय कलाकारों और तकनीशियनों को रोजगार के अवसर प्रदान करती हैं। अगर ये फ़िल्में नहीं बनाई जाएंगी, तो इन लोगों को रोजगार की कमी का सामना करना पड़ेगा।
2. स्थानीय संस्कृति की कमी: कमर्शियल फ़िल्में स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को प्रदर्शित करती हैं। अगर ये फ़िल्में नहीं बनाई जाएंगी, तो स्थानीय संस्कृति की कमी हो सकती है।
3. थिएटरों की कमी: कमर्शियल फ़िल्में थिएटरों को चलाने के लिए आवश्यक हैं। अगर ये फ़िल्में नहीं बनाई जाएंगी, तो थिएटर बंद हो सकते हैं।
4. मनोरंजन की कमी: कमर्शियल फ़िल्में दर्शकों को मनोरंजन प्रदान करती हैं। अगर ये फ़िल्में नहीं बनाई जाएंगी, तो दर्शकों को मनोरंजन की कमी हो सकती है।

इसलिए, कमर्शियल फ़िल्में फ़िल्म इंडस्ट्री के लिए एक आवश्यक तत्व हैं। ये फ़िल्में न केवल दर्शकों को मनोरंजन प्रदान करती हैं, बल्कि वे स्थानीय कलाकारों और तकनीशियनों को रोजगार के अवसर भी प्रदान करती हैं।

Post a Comment

0 Comments