"दो दिग्गजों के बीच बहस: 'यादव जी के मधु जी' फ़िल्म का क्या है राज?”



सीजी फ़िल्म इंडस्ट्री की सबसे बहु प्रतीक्षित फ़िल्म "यादव जी के मधु जी" प्रदेश के सभी सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो चुकी है। फ़िल्म का नाम अपने अलग नाम के वजह से पहले दिन से ही चर्चा का विषय बना रहा है। दर्शकों का इंतेज़ार ख़त्म हो गया है और फ़िल्म को देखने के लिए लोग सिनेमाघरों में उमड़ रहे हैं।

फ़िल्म देखने आए दर्शकों ने फ़िल्म का तारीफ़ करते नहीं थके। फ़िल्म के डायरेक्टर आदिल ख़ान की तारीफ़ की जा रही है, जिन्होंने फ़िल्म को एक नए दिशा में ले जाने का प्रयास किया है।

लेकिन सबसे विचारणीय बात यह है कि प्रसिद्ध डायरेक्टर सतीश जैन और बॉलीवुड के प्रसिद्ध राइटर अशोक मिश्रा के बीच किसी बात को लेकर कहसुनी हो गई। जो कि एक प्रसिद्ध डायरेक्टर और एक प्रसिद्ध लेखक हैं तो फ़िल्म में आख़िर ऐसा क्या है जिसके कारण दो दिग्गज आपस में भिड़ गए?

यह फ़िल्म अपने नए कहानी और बदलाव का भी सबसे बड़ा उदाहरण बनेगा। जो लोग कहते थे कि सीजी फ़िल्म में नया कहानी नहीं होता, यह फ़िल्म उन लोगों के लिए एक जवाब है। यह फ़िल्म सीजी फ़िल्म इंडस्ट्री में एक नए युग की शुरुआत करेगी।

अब ये तो फ़िल्म देखने के बाद ही पता चलेगा कि आख़िर क्या है जो दो दिग्गजों के बीच कहसुनी का कारण बन गया है। लेकिन एक बात तो तय है कि "यादव जी के मधु जी" सीजी फ़िल्म इंडस्ट्री की सबसे बहु प्रतीक्षित फ़िल्म है और दर्शकों को इसका इंतेज़ार बहुत लंबे समय से था।

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