विशेष रिपोर्ट
छत्तीसगढ़ी सिनेमा का एक नाम — दिलेश साहू। 10 से ज़्यादा फिल्में, लगातार फ्लॉप, फिर भी “एक्शन स्टार” का तमगा, वो भी अपने ही चंद फॉलोअर्स की कृपा से। दर्शकों के मन में कोई खास छवि न बन पाने के बावजूद अब वो अपनी अगली फिल्म “जानकी भाग 1” को पूरे भारत में हिंदी डबिंग के साथ रिलीज़ कर रहे हैं।
सवाल यह नहीं कि फिल्म रिलीज़ हो रही है, सवाल यह है कि… क्यों?
जिस कलाकार को अपने ही राज्य के दर्शक पहचानने से कतराते हैं, उसका सपना अब देश के कोने-कोने तक छाने का है। अभिनय में गहराई नहीं, डायलॉग डिलीवरी में ठहराव नहीं, और डांस तो छोड़ ही दीजिए — ऐसे में आखिर यह फिल्म किस भरोसे पर बनाई जा रही है?
जब पिछली खबर लगी तो मिली धमकी!
दिलेश साहू की इस “स्टारडम” पर हमने पहले भी सवाल उठाए थे, और तब खुद अभिनेता की तरफ से सीधी धमकी मिलना दर्शाता है कि आलोचना को पचाने का संस्कार इनमें उतना ही कमजोर है जितनी फिल्मों की स्क्रिप्ट। क्या सवाल उठाना गुनाह हो गया है? क्या पत्रकारिता अब तथाकथित सितारों की अहंकार की आग में जलनी चाहिए?
“जानकी भाग 1” — फ्लॉप भाग 13?
अब फिल्म “जानकी भाग 1” हिंदी भाषी दर्शकों के सामने रखी जाएगी। लेकिन क्या ये फिल्म सिर्फ एक और प्रयोग बनकर नहीं रह जाएगी? क्या कोई दर्शक उस कलाकार को सराहेगा जिसे खुद उसके राज्य ने अब तक नकारा?
CG इंडस्ट्री का सवाल — प्रतिभा या पकड़?
यह खबर किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री के लिए आईना है। क्या हम सचमुच प्रतिभा को पहचानते हैं या सिर्फ व्यक्तिगत समीकरणों को मंच देते हैं? यदि लगातार असफल कलाकारों को ही “स्टार” कहा जाता रहा, तो फिर फिल्म उद्योग का भविष्य भी महज़ कल्पना बनकर रह जाएगा।
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