छत्तीसगढ़ में फ़िल्म इंडस्ट्री की स्थिति बहुत ही चुनौतीपूर्ण हो गई है। एक ही समय में कई फ़िल्में रिलीज़ हो रही हैं, जिससे दर्शकों के लिए यह तय करना मुश्किल हो गया है कि कौन सी फ़िल्म देखनी है। सिनेमाघरों की कमी और लगातार फ़िल्मों के रिलीज़ होने से दर्शकों के लिए यह स्थिति और भी जटिल हो गई है।
एक ही समय में दो या दो से अधिक फ़िल्में रिलीज़ होने से फ़िल्म निर्माताओं के लिए भी यह एक बड़ी चुनौती है। दर्शकों का ध्यान आकर्षित करने और अपनी फ़िल्म को सफल बनाने के लिए उन्हें बहुत ही कठिन प्रयास करना पड़ता है।
इस समस्या का एक समाधान यह हो सकता है कि फ़िल्म निर्माता अपनी फ़िल्मों के रिलीज़ की तारीखों को आगे पीछे करने के लिए समझौता करें। इससे दर्शकों को अपनी पसंद की फ़िल्म देखने का मौका मिलेगा और फ़िल्म निर्माताओं को भी अपनी फ़िल्म को सफल बनाने का मौका मिलेगा।
लेकिन यह सवाल अभी भी बना हुआ है कि क्या फ़िल्म निर्माता ऐसा करने के लिए तैयार हैं? क्या वे अपनी फ़िल्मों के रिलीज़ की तारीखों को बदलने के लिए समझौता करेंगे? इसका जवाब तो समय ही देगा।
किंतु फ़िल्म मेकर्स यदि ऐसा नहीं करते हैं तो इस बीच, दर्शकों को यह सलाह दी जा सकती है कि वे अपनी पसंद की फ़िल्म को देखने के लिए फिर ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग करें। इससे उन्हें अपनी पसंद की फ़िल्म देखने का मौका मिलेगा और ना समय की चिंता और ना पैसे की और सबसे महत्वपूर्ण बात उन्हें सिनेमाघरों की भीड़ से भी बचने का मौका मिलेगा।
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