प्रांतीय सम्मेलन में नई कार्यकारिणी गठित, संगठन को मिली नई दिशा छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ का सम्मेलन रायपुर में सम्पन्न


रायपुर, 13 अप्रैल 2025
छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ का वार्षिक प्रांतीय सम्मेलन 13 अप्रैल को रायपुर में आयोजित किया गया। पूरे प्रदेश से आए तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की उपस्थिति में सम्मेलन ने संगठनात्मक मजबूती, प्रशासनिक गरिमा और कर्मचारी हितों पर केंद्रित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए।

प्रमुख मुद्दों पर चर्चा और प्रस्ताव

सम्मेलन में प्रशासनिक मर्यादा, पारदर्शिता, और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई।
कोरबा के तहसीलदार सत्यपाल राय के विरुद्ध उनके पूर्व पदस्थापनकाल के दौरान की गई पुलिस कार्रवाई की संघ ने कड़ी निंदा की। यह निर्णय लिया गया कि इस मामले में दस्तावेजी प्रमाणों के साथ शासन से हस्तक्षेप की मांग की जाएगी।
नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा

सम्मेलन में सर्वसम्मति से वर्तमान कार्यकारिणी को भंग कर नई प्रदेश कार्यकारिणी का गठन किया गया। कृष्ण कुमार लहरे को एक बार फिर अध्यक्ष चुना गया। उनके साथ गठित नई टीम इस प्रकार है:

अध्यक्ष – कृष्ण कुमार लहरे

कार्यकारी अध्यक्ष – विक्रांत सिंह राठौर

सचिव – प्रशांत पटेल

सह सचिव – शैलेन्द्र दिवाकर

संयोजक – गुरुदत्त पंचभाये, वसुमित्र दीवान

कोषाध्यक्ष – संजय राठौर, बजरंग साहू

प्रवक्ता – शशिभूषण सोनी

सह प्रवक्ता – विभोर यादव

मीडिया प्रभारी – ओमप्रकाश चंद्रवंशी

सह मीडिया प्रभारी – तृप्ति चंद्राकर, उज्ज्वल पांडेय


संभागीय और संभागवार पदाधिकारी नियुक्त

रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर और सरगुजा संभागों से संभागीय उपाध्यक्ष, सचिव और कार्यकारिणी सदस्यों की भी घोषणा की गई, ताकि संगठनात्मक संवाद क्षेत्रीय स्तर पर भी सशक्त रूप से स्थापित किया जा सके।

पाँच स्तंभों पर आधारित भविष्य की कार्ययोजना

सम्मेलन में अगली कार्यदिशा को पाँच मुख्य बिंदुओं में विभाजित किया गया:

1. एकता और सहभागिता: संभागीय सलाहकार समितियाँ, संघ समाधान समूह की बैठकें, और मासिक बुलेटिन।


2. प्रशासनिक और विधिक संरक्षण: SOP निर्माण, विभागीय प्रक्रिया सहायता, विधिक सहायता प्रकोष्ठ।


3. व्यक्तिगत और पारिवारिक सहयोग: सहयोग मंच, स्वास्थ्य और आकस्मिक सहायता, वरिष्ठ अधिकारियों से संवाद।


4. क्षमता विकास और सम्मान: प्रशासनिक कार्यशालाएं और उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मान।


5. पारदर्शी नेतृत्व और चुनाव सुधार: ई-वोटिंग प्रणाली, कार्य प्रतिवेदन प्रस्तुति, और लक्ष्य घोषणाएं।



निष्कर्ष

सम्मेलन के अंत में संघ ने दोहराया कि वह प्रशासनिक सेवा की स्वायत्तता, निष्पक्षता और गरिमा की रक्षा के लिए लगातार कार्य करता रहेगा। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि वह हर परिस्थिति में अपने सदस्यों के साथ खड़ा रहेगा और अनुचित कार्रवाइयों का लोकतांत्रिक और वैधानिक तरीके से विरोध करेगा।

– ओमप्रकाश चंद्रवंशी
मीडिया प्रभारी, छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ

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