दहेज प्रथा के ख़िलाफ़ मिसाल बने जलेश्वर सिंह, दहेज मुक्त शादी कर बने लाखों के हीरो


समाज में सकारात्मक बदलाव की मिसाल पेश करते हुए कोटक महिंद्रा बैंक जांजगीर के शाखा प्रबंधक जलेश्वर सिंह आज लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन गए हैं। ग्राम सुकली (लोरमी) निवासी जलेश्वर सिंह ने अपनी शादी में दहेज जैसी कुरीति के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए ना सिर्फ इसे नकारा, बल्कि समाज के सामने एक नई सोच भी रखी।

जलेश्वर सिंह ने शुरुआत से ही दहेज प्रथा के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की थी। जब उनकी शादी की बात चली तो उन्होंने अपने ससुराल पक्ष के सामने स्पष्ट शर्त रखी — "ना दहेज चाहिए, ना तिलक में एक रुपया।" उन्होंने समाज को यह संदेश दिया कि बेटी को बोझ नहीं, सम्मान की दृष्टि से देखना चाहिए।

"दो जोड़ों में बेटी" जैसी कहावत को जलेश्वर सिंह ने साकार करते हुए, साधारण और सादगीपूर्ण तरीके से विवाह रचाया। उनकी इस पहल ने हजारों युवाओं को दहेज मुक्त शादी के लिए प्रेरित किया है। लोग सोशल मीडिया से लेकर गांव-शहर तक जलेश्वर सिंह की सराहना कर रहे हैं और उन्हें एक सच्चा समाज सुधारक कह रहे हैं।

आज जब शादी-ब्याह में फ़िज़ूलखर्ची और दहेज की होड़ बढ़ती जा रही है, जलेश्वर सिंह जैसे लोग उम्मीद की किरण बनकर सामने आए हैं। उनकी इस पहल ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की लहर पैदा कर दी है।

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