"मोहित साहू अब बर्दाश्त से बाहर! सतीश जैन का बड़ा हमला – ‘फिल्म कंप्लीट होने के बाद निकाल देता है डायरेक्टर’"


छत्तीसगढ़ी सिनेमा में लंबे समय से सक्रिय निर्माता मोहित साहू पर अब उसी इंडस्ट्री से जुड़े वरिष्ठ फिल्मकार सतीश जैन ने खुलकर निशाना साधा है। सतीश जैन का कहना है कि "मोहित साहू छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री का भला बिल्कुल नहीं चाहता। अगर वो सच में सुधार चाहता, तो ऐसे फैसले कभी नहीं लेता।"

डायरेक्टर को फिल्म के बाद बाहर निकाल देना?

सतीश जैन ने यह भी खुलासा किया कि मोहित साहू की ये पुरानी आदत है कि किसी भी फिल्म को पूरा कराने के बाद वह उसके निर्देशक को किनारे कर देता है। "वो डायरेक्टर के काम में जरूरत से ज़्यादा इंटरफेयर करता है। हाल ही में अमलेश के साथ भी यही किया। अगर वह खुद ही सब कुछ करेगा, तो फिर डायरेक्टर रखने की जरूरत ही क्या?" – सतीश जैन ने तल्ख लहजे में कहा।

स्टूडियो में रुकने से मना करना – कौन सा व्यवहार है ये?

खुलासों की फेहरिस्त यहीं खत्म नहीं होती। सतीश जैन ने आरोप लगाया कि मोहित साहू कई बार कलाकारों या तकनीकी स्टाफ को अपने ही स्टूडियो में रुकने से मना कर देता है। "यह व्यवहार निर्माता के लायक नहीं है। वह कलाकारों को सुविधा देने के बजाय अपमानित करता है।"

सस्ती टिकट का पाखंड?

सतीश जैन ने मोहित साहू पर तंज कसते हुए कहा कि "अब जब उसकी फिल्में नहीं चल रहीं, तो टिकट की कीमत पचास रुपये करने की बात कर रहा है। लेकिन जब उसकी पहली फिल्म सुपरहिट हुई थी, तब उसने टिकट सस्ता क्यों नहीं किया?"

“मुझे बर्बाद करने की साज़िश रच रहा है” – सतीश जैन का सनसनीखेज दावा

सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि मोहित साहू सतीश जैन को इंडस्ट्री से बाहर करने के लिए रोज़ नई साज़िशें रचता है। "मैंने जब उसके साथ काम करने से मना कर दिया, तब से वह मेरी बर्बादी के लिए रोज नई चालें चलता है। अब वो हद पार कर चुका है।" – सतीश जैन ने कहा।

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