बता दे कि CGFILM Guinya 2 को लेकर दर्शकों में काफी उम्मीदें थीं। पहला भाग एक हिट फिल्म बनकर उभरी थी—जिसमें कहानी, संगीत और हेमा शुक्ला जैसे कलाकारों की परफॉर्मेंस ने लोगों के दिल में जगह बना ली थी।
लेकिन Guinya 2 ने इन सभी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
दीक्षा: एक बेजान रीप्लेसमेंट
पहले पार्ट में जहां हेमा शुक्ला ने दीक्षा के किरदार को जीवंत किया, वहीं इस बार एक "डम्मी कास्टिंग" ने किरदार को खोखला कर दिया।
लाखों लोगों की भावनाएं जुड़ी थीं “काने के बाली म होंट के लाली म” जैसे गानों से, जहां वो हेमा को देख चुके थे। लेकिन रीमेक में दीक्षा की मौजूदगी ने उस आइकॉनिक गाने की भी ‘ऐसी-तैसी’ कर दी।
दिलेश साहू: फ्लॉप की गारंटी?
दिलेश साहू, जो अब फ्लॉप पे फ्लॉप का रिकॉर्ड बना चुके हैं, इस बार फिर एक हिट फिल्म की सीक्वल को जबरन हीरो बनने की लालसा में बर्बाद कर बैठे।
ना अभिनय में नयापन, ना चेहरे पर भाव, और ना ही कोई दर्शनीय प्रभाव।
Guinya 2 को देखकर यही लगा कि फिल्म की कहानी को नहीं, बल्कि दिलेश के करियर को बचाने की कोशिश की गई थी।
और नतीजा? फिल्म धड़ाम से गिरी।
अमलेश नागेश: अब स्टारडम भी फुस्स!
सोचने वाली बात है—जब अमलेश नागेश जैसे नामचीन कलाकार भी फिल्म को नहीं बचा सके, तो क्या अब स्टारडम सिर्फ एक नाम भर है?
लगातार फ्लॉप होते प्रोजेक्ट्स, घटिया स्क्रिप्ट और ‘चलाओ जैसे भी हो’ टाइप की एक्टिंग से उनका खुद का कद भी गिरता जा रहा है।
सवाल वही है: हिट-फ्लॉप का जिम्मेदार कौन?
क्या लाखों रुपये लेकर काम करने वाले ये खुद को "सुपरस्टार" कहने वाले चेहरे?
या वो टेक्नीशियन, कैमरा मैन, राइटर और साउंड टीम जो परदे के पीछे दिन-रात मेहनत करते हैं?
Guinya 2 ने बता दिया कि केवल नाम से फिल्म नहीं चलती। दर्शकों की भावनाओं से खेलना अब महँगा पड़ता है।
अब 'जानकी भाग 1' पर निगाहें...
दिलेश की अगली फिल्म ‘जानकी भाग 1’ देशभर में हिंदी डबिंग के साथ रिलीज़ होने जा रही है।
लेकिन सवाल ये है कि क्या ये सुपर फ्लॉप एक्टर इस बार कुछ अलग कर पाएगा?
या फिर एक और भावनात्मक धोखा देने की तैयारी है?
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